नन्हें बच्चे (कविता)

नन्हें बच्चे की मोहिनी मुस्कान,
मन की व्यथा को हर लेती है।
नन्हें बच्चे की तोतली बोली पर,
मन से दुलराने का दिल करता है।

नन्हें बच्चे का खिलखिलाना,
मन को तरंगित करता है।
नन्हें बच्चे का अकड़ना,
मन को व्याकुल कर देता है।

नन्हें बच्चे का मनुहार करना,
मन को बहुत गुदगुदाता है।
नन्हें बच्चे का अंगुली पकड़ना,
मन को सुकून प्रदान करता ह

नन्हें बच्चे को गोद में उठाना, 
सुख की अनुभूति कराता है।
नन्हें बच्चे का कोमल स्पर्श,
मन तरुणाई से भर देता है।

नन्हें बच्चे का साथ में होना,
जीवन को जीवंत करता है।
एक बार फिर बचपन मेरा,
मेरे चारों ओर मचलता है ।।

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