गम की आँधी को दूर करना है (कविता)

गम की आँधियाँ 
आती है जिंदगी में कई बार
जो उथल-पुथल मचाती है
झंझावात सी झकझोरती है
पहली वाली परिस्थितियों से
स्थिति को तोड़-मरोड़ देती है
पर महान होते है वे
जो ऐसी स्थिति में घबड़ाते नहीं है
जो इधर-उधर लचक-मचक कर
फिर खड़े हो जाते है
टूटते नहीं है वे ऐसे माहौल में
क्यों कि टूटना, जीवन की बर्बादी है
चिंता चिता की राह दिखलाता है
घुट-घुटकर रहना, घुटन का दरवाजा है
जो परेशानियों का सबक बन जाता है
हर मोंड़ पर काले बादल दिखते है
फैसला दूसरों पर छोड़ते है
इसलिए अपने में हिम्मत लाकर
जोश सबको दिखलाना है
परिस्थितियाँ जो दिख रही थी
उसे बदलकर दिखलाना है
ताकि दुख के आँधी को दूर करके
खुशियाँ बटोरकर लाना है।

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शंखनाद (कविता)