मेरी प्यारी माँ (कविता)


मेरे लिए प्रेरणा और विश्वास थी- मेरी माँ,
जो मुझे छोड़कर, न जाने कहाँ चली गई।
आदर्श आचरण बरसाने वाली, कोमल माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
प्रेम अनुराग की ममतामयी मूर्ति, मेरी माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
आँचल में जिनके स्नेह था, ऐसी स्नेहिल माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
मेरे दुख को हरने वाली, करुणामयी माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
मैं जिनकी प्रेम पुजारी थी, ऐसी देवी माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
ढ़ूढ़ रही हूँ जिनकी काया, ऐसी देवी माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
श्रद्धा सुमन जिनको समर्पित, वैसी मेरी माँ,
मुझे    छोड़कर  न  जाने  कहाँ  चली  गई।
दिल में है जिनकी यादें शेष, वही मेरी प्यारी माँ,
मुझमें समाहित, है मेरे पास, माँ कहीं नहीं गई है।

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